कविता शेयर जरूर कीजियेगा तुम्हारी आत्मा उत्तर देगा कि तुम्हे अहिंगशा का पाठ पढाके कुता गया। तुम्हारे ही घर मे तुम्हे लुटा गया।

कविता शेयर जरूर कीजियेगा। तुम्हारी आत्मा उत्तर देगा कि तुम्हे अहिंगशा का पाठ पढाके कुता गया। तुम्हारे ही घर मे तुम्हे लुटा गया। क्या करोगे उस ज्ञान का जो तुम्हे सत्य बोलने का और सत्य के लिए लड़ने का साहस न दे।। amazuy.com

कविता शेयर जरूर कीजियेगा तुम्हारी आत्मा उत्तर देगा कि तुम्हे अहिंगशा का पाठ पढाके कुता गया। तुम्हारे ही घर मे तुम्हे लुटा गया।

कविता शेयर जरूर कीजियेगा।

तुम्हारी आत्मा उत्तर देगा कि तुम्हे अहिंगशा का पाठ पढाके कुता गया।
तुम्हारे ही घर मे तुम्हे लुटा गया।
क्या करोगे उस ज्ञान का जो तुम्हे सत्य बोलने का और सत्य के लिए लड़ने का साहस न दे।
कहने को बहुत बैरिस्टर है टीचर है।
इंजीनियर है।
परंतु क्या फायदा खुद लड़ने से डरते हो और जो तुम्हारे लिए
लड़ाई करता हो तुम उसका साथ नही देते।

सत्य तो ये है के ज्ञान व्यक्ति को निडर बनाता है।
अश्त्र सशत्र का प्रियोग करना भी सिखाता है।
घर से दूर होकर जनहित के लिए कार्य करना सिखाता है।
निडर होकर सत्रु से लड़ना सिखाता है।
ज्ञान बलिदान सिखाता है।

स्वयं अपने आत्मा से ये प्रश्न उत्तर करो के क्या तुम ज्ञानी हो।
अगर ज्ञानी हो तो क्यो निर्भय नही हो।
तुम्हारी आत्मा उत्तर देगा कि तुम्हे अहिंगशा का पाठ पढाके कुता गया।
तुम्हारे ही घर मे तुम्हे लुटा गया।

अब त्यागो भय को अपने कर्तव्य का पालन करो।
अब निर्भय होकर लड़ाई लाडो तुम युद्ध करो।
घर को बचाना है तो घर से निकलना सीखो।
घर से निकलकर पूरा आसमान को अपना चाट मानलो और पूरी धरती को अपना माँ।

तुम्हे लड़ना होगा तुम्हे युद्ध करना होगा।।
तुम्हे मातृभुमि के लिए बलिदान देना होगा।
यही तुम्हारा धर्म है यही कठोर सत्य है।

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